
डॉ. धनंजय गिरि
6 अप्रैल 1980 कें मुंबई मे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) क स्थापना भारतीय राजनीति क इतिहास मे एक महत्वपूर्ण घटना के रूप मे दर्ज अछि। ओ समय देश राजनीतिक अस्थिरता आ निराशा क दौर स गुजर रहल छल। जनता पार्टी सरकारक विघटन के बाद एक सशक्त वैकल्पिक राजनीतिक शक्ति क आवश्यकता महसूस कएल जा रहल छल। एहन परिस्थिति मे भाजपा क गठन भेल, जे देशक जनता के एक नव दिशा आ विश्वास प्रदान कएलक।
पश्चिमी तट पर ठाढ़ भ’ क पार्टीक प्रथम अध्यक्ष आ देशक लोकप्रिय नेता अटल बिहारी वाजपेयी जे उद्घोष कएलनि—“अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा”—ओ आइ साकार होइत वास्तविकता जकाँ देखल जा रहल अछि। प्रारंभिक दौर मे विरोध आ उपेक्षा क सामना करनिहार भाजपा बीतल 46 वर्ष मे उल्लेखनीय विस्तार क’ विश्वक सबसँ पैघ राजनीतिक दल बन’ मे सफल रहल अछि।
आइ भाजपा क पास 14 करोड़ सँ बेसी प्राथमिक सदस्य छथि आ देशभर मे संसद, विधानसभासँ ल’ क स्थानीय निकाय धरि ओकर जनप्रतिनिधिक व्यापक उपस्थिति अछि। पार्टीक ई विस्तार ‘राष्ट्र प्रथम’ क भावना सँ प्रेरित कार्यकर्ताक मेहनत, प्रभावी नेतृत्व आ स्पष्ट नीतिक परिणाम मानल जा रहल अछि।
भाजपा क संगठनात्मक यात्रा मे अटल बिहारी वाजपेयी सँ ल’ क एखन धरि कइएक राष्ट्रीय अध्यक्ष नेतृत्व क’ चुकल छथि। वर्तमान नेतृत्व मे पार्टी निरंतर विस्तार आ संगठनक मजबूती पर काज क’ रहल अछि। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क नेतृत्व मे भाजपा राष्ट्रीय आ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपन सशक्त पहचान स्थापित कएने अछि। हुनका आइ विश्वक लोकप्रिय नेतामे प्रमुख स्थान प्राप्त अछि।
भाजपा क विचारधारा क मूल आधार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आ पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत मे निहित अछि। ‘एकात्म मानववाद’ आ ‘अंत्योदय’ जकाँ विचारक माध्यम सँ पार्टी समाजक अंतिम व्यक्ति धरि विकास पहुंचाब’ क लक्ष्य निर्धारित कएने अछि। एहिए कारण अछि जे भाजपा आइ 140 करोड़ देशवासी क आकांक्षा पूरा करबाक माध्यम बनबाक दावा करैत अछि।
पार्टी क कार्यप्रणाली मे लोकतांत्रिक मूल्यमे विशेष महत्व देल जाइत अछि। नियमित सदस्यता अभियान, बूथ स्तर सँ ल’ क राष्ट्रीय स्तर धरि संगठनक पुनर्गठन आ युवा, महिला तथा समाजक सभ वर्ग क प्रतिनिधित्व देनाय एकर विशेषता रहल अछि। भाजपा कार्यकर्ताके सेवा, संवेदनशीलता आ राष्ट्र निर्माण लेल प्रशिक्षित करबाक दिशा मे सेहो जोर देल जा रहल अछि।
कोरोना महामारी क दौरान ‘सेवा ही संगठन’ अभियान क तहत भाजपा कार्यकर्तासभ व्यापक स्तर पर राहत कार्य कएलनि। जरूरतमंद लोकनि के राशन, दवाई आ अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराओल गेल, जे मानव सेवा क एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानल जाइत अछि।
राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस, नक्सलवाद क खिलाफ कार्रवाई आ रक्षा क्षेत्र मे आत्मनिर्भरता जकाँ मुद्दा पर भाजपा अपन स्पष्ट नीति प्रस्तुत कएने अछि। धारा 370 हटेनाय, तीन तलाक कानून आ गरीब कल्याण योजनाके सेहो पार्टी अपन प्रमुख उपलब्धि मानैत अछि।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद आ ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ क संकल्प क संग भाजपा देशक एकता आ अखंडता के मजबूत करबाक दिशा मे काज क’ रहल अछि। राम मंदिर निर्माण जकाँ मुद्दा पर सक्रिय भूमिका निभा क’ पार्टी व्यापक जनसमर्थन प्राप्त कएने अछि।
हालांकि, लोकतंत्र मे ककरो राजनीतिक दल क भूमिका केवल सत्ता धरि सीमित नहि होइत अछि। निरंतर आत्ममूल्यांकन आ जवाबदेही सेहो आवश्यक अछि। भाजपा जत’ अपन संगठनात्मक मजबूती आ विचारधारा के ताकत बतबैत अछि, ओत’ विपक्ष क भूमिका आ आलोचना सेहो लोकतांत्रिक संतुलन लेल जरूरी अछि।
स्थापना दिवस क अवसर पर भाजपा कार्यकर्तासभ सँ आह्वान कएल गेल अछि जे ओ विकसित भारत क लक्ष्य के साकार करबाक लेल समर्पित भाव सँ काज करथि आ समाजक हर वर्ग धरि पहुंच क’ सेवा आ विकास क भावना के आगू बढ़ाबथि।

(लेखक भाजपा आ संघ सँ जुड़ल छथि।)