
विपिन बादल
दिल्ली सरकार के बार्डर सील करबाक निर्णय व्यवहारिक कम आ राजनीतिक बेसी अछि।मधुलेपित ई तुगलकी फरमान वास्तव मे कोरोना उपचार मे सरकारी अकर्मण्यता आ असफलता नुकेबाक फौरी बहाना त बुझा रहल अछि तथापि एकर पाछां दिल्ली दंगा के पृष्ठभूमि आ पार्टी नेता के संदिग्ध भूमिका स लोक के ध्यान हटेनाई सेहो मानल जा रहल अछि।
दिल्ली के बार्डर सील भेला स लोक के बहुत दिक्कत भ रहल छैक। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत सब बार्डर पर जाम के स्थिति छैक। सवाल जे बार्डर सील करबा के औचित्य कि? कि लोक दिल्ली मात्र उपचार लेल अबैत छथि? एनसीआर के कतेको लाख लोक दिल्ली मे कार्यरत छथि। ओ सब सरकारी, एमएनसी, प्राइवेट कंपनी स व्यवसाय आ विभिन्न दोकान, होटल धरि मे कार्यरत छथि। ऑफिस, दोकान, होटल सहित सब व्यावसायिक संस्थान खोली देल गेल अछि मुदा ओहि मे कार्य कयनिहार कर्मी सबकें दिल्ली अयबा पर रोक लगा देल गेल अछि। एकर उद्देश्य आ निहितार्थ कि? ई निर्णय हास्यास्पद नहि अछि?
5 साल स विभिन्न मीडिया मे विज्ञापन पर करोड़ों रुपैया बुकि देल गेल। आश्चर्य अछि जे ई विज्ञापन बिहार स केरल धरि मे प्रकाशित भेल। कोरोना महामारी के समय जखन अन्य राज्य उपचार आ बचाव के उपाय ताकि रहल छल दिल्ली सरकार विज्ञापन के छद्मजाल मे ओझरायल रहल। परिणाम ई भेल कि जे सरकार किछुए महीना पहिने फंडक कमी नहि होयबाक ताल ठोकैत छल ओ आब घिघिया रहल अछि जे स्टॉफ के वेतन नहि देबाक स्थिति आबि चुकल अछि। जिम्मेवार के?
सरकार के कहब छैक जे बार्डर सील अहि लेल कयल जा रहल अछि ताकि बाहर के लोक दिल्ली उपचार हेतु नहि आबि सकैथ। सवाल उठैत अछि जे कि ई दर्जनो अस्पताल ओ पिछला पांच साल मे मीडिया मे देल करोड़ों के विज्ञापन आ विभिन्न मीडिया हाउस के चहेता पत्रकार लोकनि के विभिन्न कमेटी/बोर्ड मे नियुक्ति स अर्जित आय स बनौने छथि कि? यदि एहने मापदंड देशक अन्य राज्य सेहो अपना लैथ त कि स्थिति भ जायत देश के? ओना कहल इहो जाइत अछि जे भाजपा शासित पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश आ हरियाणा के ध्यान मे राखि ई क्षुद्र राजनीति कयल जा रहल अछि।
ध्यान देबाक बात इहो अछि जे दिल्ली मे काज कयनिहार एनसीआर के लाखो लोक के आधार, राशन कार्ड स ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र आ पासपोर्ट धरि पड़ोसी राज्यक हुनक मूल पता स बनल अछि। यदि दिल्ली मे हुनक मोन खराब भ जाइन्ह त ओ तत्काल दिल्ली मे अपन उपचार करौता या बीमार रहितौ पहिने अपन राज्य वापस जयताह उपचार हेतु?
जौं उपचार लेल लोक दिल्ली नहि आबि सकैत छथि त अहि ‘बाहरी व्यक्ति’ सबकें मार्केटिंग हेतु दिल्ली के कनॉट प्लेस, नेहरू प्लेस, भागीरथ प्लेस, करोलबाग, चाँदनी चौक, सेंट्रल मार्केट,सरोजिनी नगर मार्केट आदि जगह पर आबय पर सेहो प्रतिबंध होयबाक चाही। एतबा नहि चिड़ियाघर स लाल किला धरि हुनकर आगमन प्रतिबंधित होयबाक चाही। जखन उपचार नहि त अपन राज्यक पैसा दिल्ली मे कियेक खर्च करथि ओ लोकनि?
तमाम मतभिन्नता के बादो ई यक्ष प्रश्न अछिए जे अंततः दिल्ली छियैन्ह किनकर ? के छथि अकर मूलवासी? दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल, हुनक मंत्रिपरिषद स विधायक, अधिकारी दिल्ली के मूल निवासी छथि?