कोरोनाक कटुसत्य

रामबाबू सिंह

एकहि सँग सम्पूर्ण विश्वकें अपन शौर्य पराकर्मसँ अपनहि तालपर नचौनिहार एहन अदृष्य आसुरि शक्ति किनसाइत पहिने नहि देखल आ नहि सुनल गेल अछि। एहन समदर्शी किनसाइत इतिहासमे कहिओ भेल हुए से जानि नहि ! हिनका लेल कि बूढ़ आ कि सियान, कि निर्धन आ कि धनवान, कि गोर आ कि कारी, कि कायर आ कि महान आदि सभपर एक सन दृष्टि राखैत छथि। अविकसित विकसित किंवा विकासशील देश हो किंवा धन्य धान्यसँ भरल कुबेरे किएक नहि होय, ओ सभकेँ एकहि सङ्गे पएरमे पाजेब पहिरा नचा रहल छथि। जे हुनका समक्ष सत्ताक धाही देखएबाक प्रयास कएलक , ओकरा तँ मुरैS भांटा जकाँ छकरि रहल अछि।

एहि अदृश्य शक्तिशाली महा-असुरक सक्षम लोक कोनेकोन नाच नहि कएलक ! विश्व भरिमे हुनक प्रसंसामे थारी लोटा चम्मच ढोल झालि मृदंग बजेलक। भयाक्रांत भS घरकेँ अन्हारक बाट घाट गैलरी पर दिया लेस स्वागत कएलक। आ आगुओ नहि जानि कि कि नाच तमासा देखाबS पड़त ! मुदा एखन धरि हुनका पर कोनो प्रभाव नहि देखल जा रहल अछि।

कहीं ओ आन्हर संगहि बहीर अकान तँ नहि? अतेक जुगत कएलाक पश्चातो जँ ओ नहि सुनलक आ नहि देखलक तँ की बुझल जाए? ओना बहीर अकान तँ हमर सभक मीडिया सेहो अछि, चाहे सोसल मीडिया हो, प्रिंट मीडिया हो वा टेलीविजन। केओ कहलक जे “कौआ कान लS गेल” तँ बिनु कान पर हाथ लगौने कौआक पछोड़ धS लैत अछि। अफवाहक तेहन जोर पकड़ि लैत अछि कि यथार्थ विषय वस्तुकेँ एकात कS समाजमे द्रूतगतिसँ भ्रामकता पसारि दैत अछि।

जहिना मीडिया जतेक चर्च तबलीगी जमातक-करामात, मरकज-मरघट निजामुद्दीन आदि सभपर मुखर भS आक्रोशित होयत रहलाह आ एखनहुँ जोड़बाक लेल जान-प्राण लगओने छथि, कि तहिना देशमे एहि आसुरि वायरसक प्रसारक सृजनकर्ताकेँ छथि ओहि धर्मनिष्ट परोपकारी राष्ट्रभक्तक कृतित्वक संगहि धर्म कर्म वर्ण गोत्र जनबाक प्रयास कएलाह? साइत एहिसँ लोकतंत्रक चारिम खाम्हक मानवरूपी गिद्धकेँ बेसी लाभ नहि होयत सोचने हेताह।

चलु किछु शब्दमे हम एतय किछु महत्वपूर्ण विंदु अपने लोकनिक लेल राखि रहल छी जेकर चर्च बहुत थोड़ भेल अछि। एहि महामारीक प्रसादकेँ चतुर्दिक बंटनिहार एकटा छात्र छलाह जे वुहान शहरसँ चाइनीज लूनर न्यू ईयर मनाकS अपन घर केरलाक थिरिसुर जिला घुरि अबैत छथि आ संगहि आनैत छथि कोरोना आ तकर चारि दिनक बाद फेर 2 टा रोगी केरलाक दू टा आन आन जिलाकेँ चाइनासँ फेर अबैत छथि आ 3 फरबरी कS ओहिमेसँ दु टा छात्र स्वर्गवास भS जाएत छथि। एहि उपरांत 3 फरबरी कS केरलामे आपातकाल घोषित कए देल जाएत अछि। तकर बाद हुनकर सम्पर्कित 3400 लोककेँ आइसोलेशनमे राखल जाएत अछि।

एहि महा विध्वंसकारी महामारीक जड़ि जनिकर लगाओल गेल अछि तनिकर कतहु कतहु थोड़ बहुत चर्च भेल, मुदा बीचहिमे दिल्ली विधानसभाक चुनाव आबि जाएत अछि। आ तेहनमे कोरोना कि, जँ ओकर बापो आएल रहतथि तखनहुँ राजनेताक पहिल प्राथमिकता चुनाव रहतनि। देशक राजनेता महत्वाकांक्षी चक्रव्यूहमे फसल रहल आ एहि बीचमे वायरस दिल्ली समेत देशमे सगरो पसरि गेल। दहसतिमे लोक थारी लोटा पीटि मोन हल्लुक करय लागल तँ आर तरहक सरकारी स्वांगकेँ पालन करय लागल। एहि बीच मीडिया साम्प्रदायिक दांव खेलाए लागल आ किछु मूढ़ नाकारा कट्टरवादी धर्मान्ध सभ अवसर सेहो देलनि।

एकटा गप्प आओर एतय राखय चाहब, एखन हमर मीडिया अतेक सक्षम छथि कि जँ अवसर देल जाएन्हि तँ एतहुका वर्ग विशेषकेँ अमेरिका, इटली, लंदन फ्रांस आदि देश सँग जोड़ि स्वयंकेँ बड़का बला पतलकार साबित कS सकैए छथि। सम्प्रति अधिकतर पत्रकार पत्रकारिता धर्म तेजि सरकारी दलाल बनल केवल दलाली कS रहल छथि। एखन ओ सभ देशक सौभाग्य बनल छथि मुदा लोकतँत्रक लेल केवल दुर्भाग्य आ दुर्भाग्य छथि।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *