
नई दिल्ली। तीसी के नाम सुनतहि आंखिक सोझां तीसी सजमनि के तरकारी, तीसी के चटनी, तिसियौरी आदि नाचय लगैत अछि। संगहि तीसी पाउडर सेहो यादि आबि जाइत अछि, जे प्रायः सब भनसाघरक हिस्सा होइत छल। आ तीसी तेलक गुण के बिसरि सकैत अछि ? अपन चमत्कारिक गुण के कारण तीसी के उपयोग मिथिला के प्रत्येक घर मे सदियो से होइत रहल अछि। वास्तव मे तीसी स्वास्थ्य लेल अति लाभदायक अछि। तैं अकरा सुपर फूड कहल जाइत अछि। किछु देश मे त’ ई ड्राई फूड के रूप मे बिकाइत अछि।
तीसी मे कतेको पौष्टिक तत्व होइत छैक जे बहुतो असाध्य रोग स शरीर के रक्षा करैत अछि। तीसी हार्ट अटैक के खतरा कम करैत अछि। अहि मे उपस्थित घुलनशील फाइबर शरीर मे कोलेस्ट्राल के नियंत्रित करैत अछि जाहि स रक्त प्रवाह बेहतर होइत छैक। अहि मे उपस्थित ओमेगा-3 रक्त के जमय या थक्का बनय स रोकैत अछि, जाहि स हार्ट अटैक के खतरा न्यूनतम भ जाइत छैक।
तीसी मे अल्फा लाइनोइक एसिड पाओल जाइत छैक जे ऑथ्राइटिस, अस्थमा, डाइबिटीज आ कैंसर स लड़बा मे मददि करैत छैक। अकर सेवन स प्रोस्टेट कैंसर आ पेटक कैंसर के खतरा कम होइत छैक। संगहि ई ब्लड शुगर के नियंत्रित क’ डाइबिटीज स रक्षा करय मे सेहो सहायक होइत छैक। एतबा नहि तीसी मे पाओल जायबला एंटी-ऑक्सीडेंट फाइटोकेमिकल्स बढ़ैत उम्र के लक्षण के कम करैत छैक जाहि स त्वचा पर झुर्री नहि पड़ैत छैक आ कसाव बनल रहैत छैक। फलतः त्वचा स्वस्थ आ चमकदार बनल रहैत छैक। 
तीसी शरीर के अतिरिक्त वसा के कम करैत छैक जाहि स शरीरक वजन कम राखय मे मददि भटैत छैक। तीसी के नियमित सेवन स माथक केश झड़ब सेहो कम होइत छैक। ई हड्डी के मजगूत करबा आ जोड़क दर्द कम करबा मे सेहो सहायक छैक।
तीसी पाउडर के कड़ुवा तेल मे गर्म कय जोड़ पर लगौला स जोड़क दर्द में आराम होइत छैक। देह मे कतहु सूजन भेला पर तीसी तेलक लेप लगौला स सूजन कम होइत छैक। तीसी मे म्यूसिलेस पाओल जाइत छैक जे शरीर के डिटाॅक्स करैत छैक।
तीसी के बीआ स जे तेल निकलैत छैक ओकर ई गुण होइत छैक जे हवा के संपर्क मे रहला स ओ ठोस रूप ल’ लैत छैक, जखन एकरा विशेष रासायनिक पदार्थ संग गर्म कयल जाइत अछि त ई क्रिया बहुत जल्दी भ जाइत अछि। तीसी तेलक उपयोग रंगाई-छपाई के स्याही लेल सेहो कयल जाइत अछि। मिथिला मे बहुत पूर्वहि सुँ केवाड़ी रंगाई मे तीसी तेलक उपयोग होइत रहल अछि। तीसी स एक विशेष प्रकारक रेशा प्राप्त होइत छैक जाहि स लिलेन (एक तरहक कपड़ा) बनाओल जाइत अछि। तीसी के सीठी के खली कहल जाइत छैक जे गाय-महिष के प्रिय आहार छैक।
आयुर्वेद मे सेहो तीसी के बहुत महत्वपूर्ण मानल गेल अछि। आयुर्वेदक अनुसार तीसी बलकारक, पित्तनाशक, पौष्टिक आ पीठक दर्द आ सूजन खत्म करवा मे उपयोगी मानल गेल अछि। अहि स बनाओल काढ़ा रक्तातिसार आ मूत्र संबंधी रोग मे उपयोगी होइल छैक। यूनानी चिकित्सा पद्धति मे अकरा घाव भरय मे सहायक मानल गेल अछि। त्वचा जरय के स्थिति मे चून मे तीसी तेल मिलाक लेपन कयला स फायदा होइत छैक।
साभार : विज्ञान रत्नाकर