ज्योति पासवान आ गणपति झा के अंतर

कोरोना आ लॉकडाउन स लगभग अढ़ाई महीना स पस्त देश के आब राहत भेटनाई शुरु भ चुकल अछि। सरकार धीरे-धीरे स्थिति सामान्य करबाक लेल अनलॉक के प्रक्रिया अपना रहल अछि तथापि लॉकडाउन मे पैदल चलैत मजदूर के बीच ज्योति पासवान नामक एकटा लड़की अचानक मीडिया सनसनी बनि गेलीह, अमेरिका धरि हुनक चर्चा भेल। कारण मीडिया मे प्रचारित छल जे ज्योति गुरुग्राम स दरभंगा धरि अपन पिता के साइकिल स ल गेल छलीह मुदा एक रिपोर्ट त गणपति झा के सेहो छल, जे सिलीगुड़ी स साइकिल स मधुबनी गेल छलाह। तहन ज्योति आ गणपति लेल मीडिया आ समाज के मापदंड अलग कियेक?

इवांका ट्रंप ज्योति पासवान पर ट्वीट कि केलनि, समस्त मिथिलावासी गदगद भ गेलाह। ओहो सब जे पलायन पर मोदी सरकार के आलोचक रहथि। ज्योति अचानके ‘बिहार/मिथिला के बेटी’ भ गेलीह। नेता आर्थिक मददि के पैकेज घोषित करय लगलाह त बॉलीवुड के सियार मनोवृत्ति बला लोक हुनका मे फिल्म निर्माण के माध्यम स पाई कमेबाक अवसर देखय लगलाह, मीडिया त अलगे निहाल छल। अहि धमगीजर मे ज्योति के स्वीकारोक्ति के बादो अहि बात पर ध्यानो नहि देल गेल जे ओ पूरा रस्ता साइकिल स नहि गेल छलीह। रस्ता मे ट्रक वा अन्य गाड़ी पर सेहो सवार भेल छलीह।

दोसर दिस लगभग एहि समय मे सोनई, मधुबनी निवासी गणपति झा के बंगाल के सिलीगुड़ी स साईकिल स 4 दिन में गाम पहुँचबाक सेहो छिटपुट खबरि आयल छल, मुदा हुनकर कोनो खास चर्चा नहि भेल। कियैक?

जौं ई खबरि सही छल त हुनको पर गर्व कियैक नहि भेल? कोनो विदेशी पर्सनैलिटी के ट्वीट मे हुनक चर्चा नहि भेला स या मीडिया के एजेंडा मे फिट नहि होयबाक कारणे? हमर गुलाम मानसिकता विदेशी स प्रशंसा सुनि गदगद भ जाइत अछि, प्रशासनिक कुव्यवस्था तहन आदरणीय भ जाइत अछि।

मुदा यादि रखबाक चाही जे ज्योति हो या गणपति भले ही ओ जीवटता के मिसाल होथि तथापि ओ शासन व्यवस्था के अकर्मण्यता के गाथा सेहो छथि।

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