रामबाबू सिंह मधेपुर
21वीं सदीक नवका निमुधन बला भारत। आडंबर आ अंधविश्वाससँ चेतनाशून्य भारतक भविष्य विधाता जानथि कतय पहुँचत मुदा आई जनता कर्फ्यूक समर्थनमे उत्सव मनबैत फ्टक्का फोड़ैत देखि लागल जे अंधविश्वास गामघरेटामे नहि अपितु राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्लीमे सेहो आन ठामसँ कमतर नहि।
एना शंख थारी लोटा गिलास झाली ढोल बाजल जेना जत्रा दिन लोक नीलकंठक दर्शनमे बजबैत देखल जाएत छलाह। एक दिस सुकमामे आइए 17 गोट सैनिक शहीद भS गेल आ दोसर दिस एतय उत्सव जकाँ ढोल झालि थारी लोटाक सँग आतिशबाजी कएल जा रहल अछि। एहन भेड़ियाधसान लोक केवल अही देशमे देखल जा सकैए।
इटली सन सुव्यवस्थित चिकित्सा बला देश कोरोना वायरसक आगू पस्त आ त्रस्त भेल ओतहुका प्रधानमंत्री 20 मिनट धरि देशक संबोधन करैत रहलाह आ कनैत रहलाह आ एतय एखन शुरुआतमे लोक बरियातीमे आएल दुल्हाक स्वागत करैत जेना आतिशबाजी करैत आनंद उठबैत रहलाह।
ई उत्सवक कारण नहि जानि सकलहुँ से जिज्ञासा अछि जँ किनको लग निस्सन तर्क हुए तँ मार्गदर्शन करी।की आब कोरोना डरसँ पड़ा गेल? देशकेँ कोनो प्रकारक चिंता आब नहि करबाक अछि? काल्हिसँ ‘आल इज़ वेल’ भS जएतैक? आ दियावाती जकाँ आतिशबाजी करब की उचित छल? प्रतिक्रियाक प्रतीक्षारत
