डॉ. विंदेश्वर पाठक के कार्य केवल स्वच्छता तक सीमित नहि छल, बल्कि ई मानवीय गरिमा, समानता आ सामाजिक परिवर्तन के एकटा व्यापक आंदोलन छल

नई दिल्ली :  पहिल डॉ. विंदेश्वर पाठक स्मृति व्याख्यान प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु आ विद्वान पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज द्वारा देल गेल। एहि अवसर पर हुनकरा महान समाज सुधारक आ सुलभ स्वच्छता आंदोलन के संस्थापक डॉ. विंदेश्वर पाठक के भावभीन श्रद्धांजलि अर्पित कएलनि।

मानवता लेल डॉ. पाठक के असाधारण योगदान के स्मरण करैत स्वामीजी हुनका एकटा सच्चा संत आ दूरदर्शी व्यक्ति बतौलनि, जे लाखों लोक के सम्मान दिलेबाक लेल अपन जीवन समर्पित कएने छलाह। हुनका स्वच्छ भारत, छुआछूत उन्मूलन आ वंचित वर्गक उत्थान प्रति अटूट प्रतिबद्धता के याद कएल गेल। स्वामीजी जोर देलनि जे डॉ. पाठक के कार्य केवल स्वच्छता तक सीमित नहि छल, बल्कि ई मानवीय गरिमा, समानता आ सामाजिक परिवर्तन के एकटा व्यापक आंदोलन छल।

सुलभ इंटरनेशनल के अध्यक्ष कुमार दिलीप कहलनि जे ई पहिल स्मृति व्याख्यान मात्र एकटा स्मारक कार्यक्रम नहि, बल्कि डॉ. पाठक के अधूरा मिशन के आगाँ बढ़ेबाक सामूहिक संकल्प अछि। ओ कहलनि, “ई व्याख्यान हुनकर अधूरा सपना के साकार करबाक आ एकटा समावेशी आ गरिमामय समाज निर्माण के दिशा मे एक ठोस पहल अछि।”

एहि अवसर पर कुमार दिलीप घोषणा कएलनि जे 2027 सँ ‘डॉ. बिंदेश्वर पाठक स्मृति पुरस्कार’ शुरू कएल जाएत, जे हर साल प्रदान कएल जाएत। एहि पुरस्कार मे 11 लाख रुपया नकद, एकटा स्वर्ण पदक आ प्रशस्ति पत्र देल जाएत, जाहि सँ सामाजिक सुधार, स्वच्छता आ मानवीय गरिमा के क्षेत्र मे उत्कृष्ट योगदान देनिहार व्यक्तिक सम्मान कएल जा सकय।

सुलभ इंटरनेशनल के संयोजक श्रीमती नित्या पाठक स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त कएलनि। ओ कहलनि जे स्वामीजी के प्रेरणादायक विचार सभ नय दिशा देलक अछि आ हुनकर आशीर्वाद डॉ. पाठक के मिशन के आगाँ बढ़ेबा मे मार्गदर्शक बनल रहत।

सुलभ इंटरनेशनल के उपाध्यक्ष डॉ. सुतीर्थ सहारिया डॉ. पाठक के जीवन आ कार्यक गहन प्रभाव पर प्रकाश डालैत कहलनि जे इतिहास मे एहन व्यक्तित्व बहुत कम देखाएत अछि, जे समाज के गरिमा, करुणा आ सेवा के अर्थ के नय रूप दैत अछि। “डॉ. पाठक सिर्फ शौचालय नहि बनौलनि, बल्कि मानवीय गरिमा के पुनर्स्थापित कएलनि। ओ केवल स्वच्छता नहि, बल्कि सामाजिक न्याय आ मानवीय स्वतंत्रता लेल कार्य कएलनि,” ओ कहलनि।

एहि कार्यक्रम के संगहि ‘स्वच्छता के समाजशास्त्र’ विषय पर एक दिनक सम्मेलन सेहो आयोजित कएल गेल, जाहि मे देश भरक विश्वविद्यालय सभ सँ प्रोफेसर, शोधकर्ता आ विद्वान भाग लेलनि। अकादमिक सत्रक अध्यक्षता प्रसिद्ध समाजशास्त्री प्रो. नील रतन कएलनि, जाहि मे एहि विषय के महत्व पर विस्तार सँ चर्चा भेल।

विद्वान सभ अपन शोध प्रस्तुत करैत स्वच्छता के सामाजिक परिवर्तन, जनस्वास्थ्य, लैंगिक समानता आ मानवीय गरिमा के प्रमुख आधार बतौलनि — जे डॉ. पाठक के जीवन भर के मिशन के केंद्र रहल अछि।

ई स्मृति व्याख्यान आ सम्मेलन डॉ. विंदेश्वर पाठक के बौद्धिक आ मानवीय विरासत के आगाँ बढ़ेबा दिशामे एक महत्वपूर्ण कदम साबित भेल अछि आ सुलभ इंटरनेशनल के स्वच्छता, सामाजिक न्याय आ समावेशी विकास प्रति प्रतिबद्धता के पुनः सुदृढ़ कएने अछि।

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