
- कुमकुम झा
जीवन पथ पर अपन अस्तित्व रहय
शीत ऋतुक ओसक बुन्न सन
रातिक अंतिम पहर सन शांत सौम्य
ऊषाक मान सन
प्रभातक सम्मान सन
अकास में आच्छादित
साहसक अदम्य प्रमाण सन
अस्तित्व में होय अविरल दीक्षा, तमक प्रतीक्षा
आओर नित बरसैत रहय
इष्टदेव के सत्य भेद सन स्नेहगान……..