
नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध आ ओकरा सँ उत्पन्न वैश्विक तेल संकटक बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासीक राष्ट्रीय हित में ईंधनक बचत आ गैरजरूरी खर्च पर नियंत्रण रखबाक अपील कएलनि अछि। प्रधानमंत्री लोकनि सँ आग्रह कएलनि जे ओ सभ एक बरख धरि शादी-बियाह लेल सोना खरीदनाइ सँ बचथि आ ‘वर्क फ्रॉम होम’ जेकाँ व्यवस्था फेर सँ अपनाबथि, जाहिसँ देशक विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहि सकय।
तेलंगानाक सिकंदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के संबोधित करैत प्रधानमंत्री कहलनि जे कोरोना काल में देश वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग आ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जेकाँ व्यवस्था सफलतापूर्वक अपनौने छल। आब समयक मांग अछि जे एहि उपायसभ केँ फेर सँ प्राथमिकता देल जाए।
हुनका कहलनि, “आइ पूरा दुनिया ऊर्जा संकट सँ जूझि रहल अछि। एहन स्थिति में पेट्रोल-डीजल केर खपत कम करब हम सभक राष्ट्रीय जिम्मेदारी अछि। ईंधनक बचत कए हम विदेशी मुद्रा केर रक्षा कए सकैत छी।”
प्रधानमंत्री अपन संबोधन में नागरिक सभ सँ गैरजरूरी खर्च पर पुनर्विचार करबाक अपील सेहो कएलनि। हुनका कहलनि, “हम देशवासीसँ आग्रह करैत छी जे अगिला एक बरख धरि शादी-बियाह लेल सोना नहि खरीदू। ई देशहित में महत्वपूर्ण योगदान होयत।”
तेलक दाम में भारी उछाल
पश्चिम एशिया में बढ़ैत तनाव आ वैश्विक तेल आपूर्तिक प्रमुख मार्ग हॉरमुज़ जलडमरूमध्य में रुकावट केर कारण कच्चा तेलक कीमत तेजी सँ बढ़ल अछि। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल सँ बढ़िकय 126 डॉलर प्रति बैरल धरि पहुँच गेल अछि।
एकर असर भारत पर सेहो पड़ि सकैत अछि। सूत्रक अनुसार, 15 मई सँ पहिने पेट्रोल-डीजल केर दाम में 4 सँ 5 रुपया प्रति लीटर तक वृद्धि संभव अछि, जखन घरेलू एलपीजी सिलेंडर 40 सँ 50 रुपया धरि महँग भ’ सकैत अछि।
जानकारीक मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम आ हिंदुस्तान पेट्रोलियम जेकाँ कंपनीसभ प्रत्येक मास करीब 30 हजार करोड़ रुपयाक नुकसान सहि रहल अछि।
खाइबला तेल आ उर्वरकक खपत घटेबाक अपील
प्रधानमंत्री मोदी खाइबला तेलक उपयोग कम करबाक आ प्राकृतिक खेतीक बढ़ावा देबाक अपील सेहो कएलनि। हुनका कहलनि जे भारत खाद्य तेल आ रासायनिक उर्वरकक आयात पर भारी विदेशी मुद्रा खर्च करैत अछि।
हुनका कहलनि, “जँ प्रत्येक घर खाइबला तेलक उपयोग कम कए देत, त’ ई देशभक्तिक पैघ उदाहरण होयत। तहिना किसान सभ रासायनिक उर्वरकक उपयोग आधा कए प्राकृतिक खेतीक दिशा में बढ़थि।”
भारतक तैयारी
सरकार ऊर्जा संकट सँ निपटबाक लेल एलपीजी उत्पादन बढ़ेबा, कच्चा तेलक आयात स्रोत में विविधता आनबा आ रिफाइनरीसभ केँ पूर्ण क्षमता सँ अधिक उत्पादन लेल प्रेरित करबा जेकाँ कदम उठा रहल अछि।
विशेषज्ञक मानब अछि जे जँ मध्य-पूर्वक संकट लंबा समय धरि चलैत रहल, त’ भारत सहित पूरा दुनिया केँ महँगाई आ ऊर्जा आपूर्तिक गंभीर चुनौतीक सामना करए पड़ि सकैत अछि। प्रधानमंत्रीक ई अपील एहन समय में आयल अछि, जखन देश केँ सामूहिक जिम्मेदारी निभेबाक आवश्यकता अछि।